नौकरशाह, राजनेता फील्ड वर्क से करें दिन की शुरुआत: बेदी

बेंगलूरु. जीवन के हर क्षेत्र में विश्वास, सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता, ईमानदारी और जवाबदेही बेहद जरूरी है। सभी राजनेताओं, अधिकारियों व नौकरशाहों को चाहिए कि वे दिन की शुरुआत कार्यालय से नहीं बल्कि फील्ड वर्क से करें। ये बातें पूर्व आइपीएस अधिकारी व पुडुचेरी की पूर्व उपराज्यपाल डॉ. किरण बेदी (Dr. Kiran Bedi) ने कही। वे रविवार को सुराणा कॉलेज के वार्षिक परिवर्तन नेतृत्व शिखर सम्मेलन और पुरस्कार के तीसरे संस्करण के दौरान जीसी सुराणा मेमोरियल व्याख्यान दे रही थीं।

नौकरशाह, राजनेता फील्ड वर्क से करें दिन की शुरुआत: बेदी

उन्होंने कहा कि कानून के सामने सभी को समान होना चाहिए। हर राजनेता और नौकरशाह को चाहिए कि वे लोगों के लिए काम करें। प्रतिदिन समय निकाल कर जनता की समस्याएं सुनें और त्वरित समाधान करें। बेदी ने कहा कि कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी के तहत सभी कंपनियां अपने-अपने क्षेत्र में तालाब और झीलों को गोद लें। उन्होंने पुडुचेरी में इस नीति से सफलता हासिल की। मुख्य अतिथि, उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. सीएन अश्वथनारायण ने कहा कि सरकार ने विशेष रूप से शासन, प्रशासन और कानून में बहुत सारे सुधार किए हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के लागू होने से शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की उम्मीद है।

विश्वविद्यालय अपने स्तर पर महत्वपूर्ण निर्णय ले सकेंगे। सरकार से ज्यादा शिक्षण संस्थानों के सशक्तिकरण पर ध्यान दिया जा रहा है। इस दौरान सुराणा कॉलेज के कई पूर्व छात्रों को सम्मानित किया गया। सुराणा शैक्षणिक संस्थान की मैनेजिंग ट्रस्टी अर्चना सुराणा और माइक्रो लैब्स के प्रबंध निदेशक दिलीप सुराणा भी उपस्थित थे।

इन्हें मिला सम्मान

इससे पहले डॉ. बेदी को जीसी सुराणा सर्वश्रेष्ठ प्रशासक पुरस्कार, पद्म श्री डॉ. रमन राव (Dr. Ramana Rao) को जीसी सुराणा लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार, समर्थनम ट्रस्ट फॉर द डिसेबल्ड के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. महंतेश जी.के. (Dr. Mahantesh G. K.) को जीसी सुराणा परिवर्तनकारी नेतृत्व पुरस्कार व शिक्षाविद् डॉ. एचआर अप्पन्नय्या (Dr. HR Appannaiah) को जीसी सुराणा डिस्टिंग्विश्ड चेयर अवार्ड से नवाजा गया।

Share this post

Share on facebook
Share on twitter
Share on linkedin
Share on pinterest
Share on print
Share on email